जानिए फ्लॉसिंग आपके मसूड़ों के लिए कैसे होगा फायदेमंद ?

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    Dental care at Ludhiana Dental Centre, expert services for healthy teeth and gums.

    दांतों का स्वास्थ्य, मजबूत और सुंदर दिखना बहुत जरूरी है क्युकि कई बार दांतों व चेहरे की स्माइल की वजह से ही दुनिया, समाज में हमारी पहचान होती है। इसलिए अगर आपके दांतों व मसूड़ों में भी खराबी आ गई है तो इससे बचाव के लिए आपको फ्लॉसिंग का उपयोग करना चाहिए, तो अगर आप भी अपने दांत सेहतमंद बनाना चाहते है तो इसके लिए आर्टिकल के साथ अंत तक बने रहें ;

    क्या है दांतों और मसूड़ों में फ्लॉसिंग को करवाना ?

    • दांतों की उचित सफाई के लिए फ्लॉसिंग को करना बहुत जरूरी होता है। यह मसूड़ों और दांतों की बीमारी पैदा करने वाले प्‍लॉक को ह‍टाता है। लेकिन क्या आप जानते है, कि नायलॉन का यह पतला धागा ना केवल आपके दांतों की सफाई करता है, बल्कि आपको मसूड़ों की कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।
    • अगर फ्लॉसिंग करने के बाद भी दांतों की समस्या ठीक न हो तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में रूट कैनाल ट्रीटमेंट का चयन करना चाहिए।
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    फ्लॉसिंग के क्या फायदे है ?

    • फ्लॉसिंग मसूड़े की सूजन को रोकने में काफी मददगार है। 
    • फ्लॉसिंग हानिकारक बैक्टीरिया को दूर करता है। 
    • फ्लॉस से शरीर भी हेल्दी बनता है। 
    • आपकी मुस्कुराहट को बढ़ावा मिलता है। 
    • वहीं फ्लॉस करना कोई महंगा भी नहीं है।
    • दांतों के बीच और मसूड़ों की रेखा पर जहां आपका टूथब्रश ठीक से नहीं पहुंच पाता, भोजन के कणों और प्लाक को हटाने में वहां आपकी ये मदद करते है।
    • अकेले ब्रश करने से बेहतर है कि सांसों की दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को हटा दिया जाए। 
    • मसूड़ों में दर्द, सूजन और भद्दी लालिमा की संभावना कम हो जाती है।
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    फ्लॉसिंग न करने से मसूड़ों को क्या नुकसान पहुंचते है ?

    • फ्लॉस न करने से बहुत खतरनाक बैक्टीरिया टार्टर में निर्मित होकर, विषाक्त पदार्थों का उत्पादन शुरू कर देता है। 
    • ये विषाक्त पदार्थ व्यक्ति के मसूड़ों में उत्तेजना, जलन, सूजन पैदा करते है जिसे जिन्जवाइटिस कहते है। जिन्जवाइटिस, पेरीडोन्टाइटिस को जन्म देता है, जहां यह विषाक्त पदार्थ दांतों को सहारा देने वाली हड्डियों पर आक्रमण करते है और जिससे वह हड्डी खराब हो जाती है, दांत हिलने लगते है, यहां तक कि दांत गिरने भी लगते है।

    फ्लॉसिंग न करने की वजह से अगर आपके दांतों को काफी नुकसान पहुंचने लगें तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में सबसे अच्छे डेंटिस्ट का चयन करना चाहिए।

    फ्लॉसिंग को कब करना चाहिए ? 

    • प्रति दिन कम से कम एक बार इसे जरूर करें और आप इसको सोने से पहले भी कर सकते हो। 
    • आप ब्रश करने से पहले फ्लॉस करें, ताकि दांतों में फसे ढीले कण मुंह से साफ हो सकें।
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    फ्लॉसिंग करने से हम कैसे स्वास्थय मेहसूस कर सकते है ?

    • दांतों का दिल की सेहत से सीधा संबंध होता है। इसलिए जरूरी है की हम अपने दांतों का अच्छे से ध्यान रखें। 
    • जो लोग नियमित रूप से ब्रश और फ्लॉस करते है, न केवल उनके दांत साफ रहते है, बल्कि उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी कम होता है। 

    दांतों के बचाव के लिए बेस्ट सेंटर !

    अगर आप दांतों में प्लॉक, दांतों में सड़न या अन्य किसी भी तरह की समस्या का सामना कर रहें है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना डेंटल सेंटर का चयन करना चाहिए।