आखिरकार राहत पाए: दांत दर्द को प्राकृतिक रूप से ठीक करें।

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    आखिरकार राहत पाए: दांत दर्द को प्राकृतिक रूप से ठीक करें।

    कहते है कि सख्त चीज को उसे सख्त चीज ही तोड़ सकती है। ऐसे ही मानव शरीर के दांत जो इतने सख्त होते है उन्हें आम खाने वाली चीज नुकसान नहीं दे सकती। लेकिन हां छोटी उम्र में जब दांत आते है और जब बुढ़ापे तक जाते जाते शरीर में से कैल्शियम कम होता रहता है तब दांतों में दर्द की दिकत आती है। दांत इनेमल से बना होता है जो सफ़ेद कठोर खोल है, जिससे मानव आखो से भी देखा जा सकता है। इनेमल के नीचे कुछ मुलायम पदार्थ होता है जिससे डेंटिन कहा जाता है। इस डेंटिन को, एक बाहरी आवरण कवर भी कहा जाता है जिससे दांत गूदा के नाम से पहचानते है। 

    यह गूदा दांत के सबसे भीतरी भाग में होकर तंत्रिकाएँ, संयोजी ऊतक और रक्त वाहिकाएँ को पोषण देता है।

     

    अक्सर दांत दर्द किन चीजों से होता है ? 

    दांत का दर्द तब होता है जब दांत की जड़ या दांत के आसपास की नस में जलन होती है। दांत संक्रमण, सड़न, चोट या दांत का टूटना सबसे आम कारण है दांत दर्द होने के। दांत निकलवाने के बाद भी दर्द की स्थिति हो सकती है। आपके मुंह के अंदर पनपने वाले बैक्टीरिया मसूड़ों की बीमारी और दांतों की सड़न में योगदान कर सकते है जिससे दन्त दर्द का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा  दांत का गूदा सूजन की स्थिति में होकर, इसमें जुड़ी तंत्रिका अंत को दर्द के प्रति बहुत संवेदनशील कर देता है। यह सूजन दंत गुहाओं, आघात और संक्रमण के कारण हो सकती है।     

     

    दांत दर्द होने के लक्षण 

    दांत दर्द और जबड़े का दर्द आम शिकायतें है। दबाव, गर्म या ठंडी उत्तेजना से गंभीर दर्द हो सकता है। उत्तेजना दूर होने के बाद दर्द १५ सेकंड से अधिक समय तक रह सकता है। जैसे-जैसे सूजन का क्षेत्र बढ़ता है, दर्द अथिक गंभीर होने लगता है। यह गाल, कान या जबड़े तक फैल सकता है। अनेक और संकेत और लक्षण जैसे: 

    • चबाते समय दन्त और जबड़े में दर्द 
    • सिर दुखने की स्थिति होना 
    • गर्म और ठंडी से आपके दांतों में संवेदनशीलता हो। मीठी या खट्टी चीज भी समान स्थिति बनाए। 
    • दन्त या जबड़े से खून निकलना 
    • बदबूदार सांस 
    • बुखार 
    • मुँह में बुरा स्वाद 
    • सूजन ग्रंथियां 

     

    कौन से प्राकृतिक उपचार दांत दर्द को कुछ समय के लिए ठीक कर सकते है। 

    • खारे पानी का कुल्ला 

    बहुत से लोगों को यह दिन में २ से ३ बार करके आराम मिल जाता है। यह सबसे पहला और असरदार उपाय है जिससे करने से मुंह में सूजन कम होती है और मौखिक घाव ठीक होते है। 

    • पुदीना चाय बैग 

    इसका इस्तेमाल आप दर्द को सुन्न करने में और संवेदनशीलता मसूड़ों को शांत करने के लिए कर सकते है। गर्म नहीं, ठंडा बैग अपने दर्द वाले क्षेत्र पर रख लें। 

    • लहसुन 

    इसका प्रयोग न सिर्फ औषधीय गुणों के लिए है बल्कि इसमें जीवाणुरोधी गुण भी होते है जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारते तो है साथ में दर्द से छुटकारा भी दिखाती है। 

    • लोंग 

    सदियों से लोंग को दांत दर्द की दवा कहाँ गया है। इसमें मौजूद तेल, सूजन को कम करता और दर्द को सुन्न कर देता है। इसमें युजेनॉल होता है, जो एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है।  

    • अमरूद की पत्तियां   

    इनमें सूजनरोधी गुण होते है जो घाव को स्वस्थ करने में मदद करते है और इनमे रोगाणुरोधी गुण जो मौखिक देखभाल की सहायता करते है। 

    • दुबा घास 

    इनमें सूजनरोधी गुण और प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले गुण होते है। इसको उबालकर पी सकते है या कुल्ले भी क्र सकते।

    यदि इन सब प्राकृतिक उपचारो से फर्क न पड़े तो दांत के डॉक्टर को जरूर मिला जाए ताकि भविष्या में दिकत बढ़ने की स्थिति से न गुजरना पड़े। लुधिअना डेंटल सेंटर को सम्पर्क करके भी आप सवाल पूछ सकते है।