टेढ़े दांतों के क्या है – लक्षण, कारण, इलाज व बचाव के तरीके ?

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    टेढ़े दांतों के क्या है – लक्षण, कारण, इलाज व बचाव के तरीके ?

    टेढ़े-मेढे दांत अक्सर हमारी सुंदरता में ग्रहण का काम करते है, और अक्सर लोगों का ये सवाल भी होता है की बाकियो जैसे सीधे दांत पाने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए, तो चलिए जानते है की व्यक्ति को सीधे दांत पाने के लिए क्या करना चाहिए और साथ ही इस दौरान व्यक्ति को और किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए ;

    क्या है टेढ़े दांत ?

    • टेढ़े दांतों को लेकर बहुत से लोगों के मन में ये बात घूमती है की इन दांतों का संबंध हमारे भाग्य से है, लेकिन वास्तविकता तो ये है की टेढ़े दांतों का भाग्य के साथ कोई संबंध नहीं है। वहीं टेढ़े-मेढ़े, अव्यवस्थित या ओवरलैपिंग वाले दांत न केवल खराब मुस्कान देते है, बल्कि कभी-कभी हमारे आत्मविश्वास को भी प्रभावित कर सकते है। 
    • हालाँकि, अगर आपके दांत टेढ़े-मेढे है, तो ताउम्र आपको ऐसे दांतों के साथ रहने की कोई जरूरत नहीं है। 
    • वहीं टेढ़े दांतों को विभिन्न ऑर्थोडॉन्टिक उपचारों के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।

    टेढ़े-मेढे दांतों के क्या-क्या कारण है ?

    • टेढ़े-मेढे दांतों के कारणों की बात करें तो इसमें, अंगूठा और जीभ को चूसना शामिल है। 
    • कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जबड़े का विकसित आकार भीड़ भरे या टेढ़े-मेढ़े दांतों के लिए जिम्मेदार होते है। 
    • आनुवंशिकी या किसी परिवार में टेढ़े-मेढ़े दांत है, तो मौखिक देखभाल की अच्छी आदतों का पालन करने के बावजूद बच्चों के स्थायी दांत टेढ़े-मेढ़े हो सकते है।
    • दांतों की ख़राब देखभाल या उचित मौखिक स्वच्छता को न रख पाना, नियमित ब्रशिंग, फ्लॉसिंग और दांतों की जांच से मसूड़ों की बीमारी और कैविटीज़ जैसी समस्याएं हो सकती है, जिनका इलाज न किए जाने पर टेढ़े-मेढ़े दांत और अन्य दंत स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है।

    टेढ़े-मेढ़े दांतों का स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है ?

    • मसूड़े / पेरियोडोंटल रोग। 
    • दांतों की ऊपरी परत में रोग। 
    • चबाने में कठिनाई का सामना करना। 
    • बोलने में कठिनाई का सामना। 
    • सांसों में बदबू की समस्या। 
    • आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास को नष्ट करने में एहम भूमिका निभाते है। 
    • दांतों में चोट के लिए संवेदनशीलता बढ़ जाती है। 
    • अगर आपके दांतों में टेढ़े-मेढे समस्या होने के कारण उनमे किसी न किसी तरह की समस्या है तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में रूट कैनाल ट्रीटमेंट का चयन करना चाहिए।

    टेढ़े-मेढे दांतों का इलाज क्या है ?

    • सिरेमिक ब्रेसिज़ धातु ब्रेसिज़ के समान होते है, हालांकि उनमें दाग लगने की संभावना अधिक होती है और वे आसानी से टूट सकते है। वे स्पष्ट या दांत के रंग वाले ब्रैकेट का उपयोग करते है।
    • अदृश्य ब्रेसिज़ यानी जिसे इनविज़लाइन अदृश्य ब्रेसिज़ के नाम से जाना जाता है और ये ब्रेसिज़ उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है, जिन्हें धातु ब्रेसिज़ और ब्रैकेट का विचार बहुत अनाकर्षक लगता है। इनविज़लाइन दांतों को सीधा करने की एक अत्याधुनिक विधि है। ये एलाइनर आरामदायक, हटाने योग्य और अदृश्य है। इन्हें आपके दांतों पर पहनाया जाता है और आपकी आवश्यकता के अनुसार अनुकूलित किया जाता है।
    • वही दूसरा विकल्प है दांतों को सीधा करने की सर्जरी। इसमें यदि आपके दांत ज्यादा टेढ़े-मेढ़े है और दांतों में भीड़ बहुत ज्यादा है, तो सर्जरी की सिफारिश डॉक्टर के द्वारा चुनने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा आपका ऑर्थोडॉन्टिस्ट हड्डियों और मसूड़ों को पुनर्स्थापित करने के लिए डिज़ाइन की गई एक छोटी शल्य प्रक्रिया का सुझाव दे सकते है जो आपके दांतों को जगह पर रखने में मदद करते है। 

    अगर आप पंजाब में रहते है और अपने टेढ़े-मेढे दांतों की समस्या से बचना चाहते है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना डेंटल सेंटर का चयन करना चाहिए। यदि आपको इस सेंटर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो इसके लिए आप हमसे या हमारी पूरी टीम से इसके बारे में जानकरी हसिल कर सकते है।

    टेढ़े दांतों से कैसे करें खुद का बचाव ? 

    • टेढ़े दाँतो को सीधा करने के लिए सबसे पहले आपको ब्रेसिज़ का सहारा लेना चाहिए, वहीं अगर आपको शुरुआती दौर में ही पता चल गया है की आपके दांत टेढ़े उपज रहें है तो इसके लिए आपको लुधियाना में सबसे अच्छे डेंटिस्ट के संपर्क में आना चाहिए।
    • दूसरी बात जैसे बच्चा थोड़ा सा बड़ा हो जाए और उसके दांत निकलने लगें तो बच्चे के दांतों पर माँ की नज़र हमेशा होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह के दिक्तत होने पर आप जल्द डॉक्टर के सम्पर्क में आ सकें। 
    • फिर बच्चे को अपने जीभ से अपने दांतों को बार-बार नहीं छूना चाहिए।

    निष्कर्ष :

    दांतों की समस्या व्यक्ति के लिए काफी परेशानियां खड़ी कर रहें है, इसलिए जरूरी है की व्यक्ति की परेशानी ज्यादा न बढ़े इससे पहले सामान्य सी भी दिक्कत आने पर आपको जल्द डॉक्टर के सम्पर्क में आना चाहिए।