अक्सर लोग दांतों से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं और कुछ तो मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, आज के समय में दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का होना काफी ज्यादा आम होता जा रहा है। जिन को लोग मामूली समझ कर और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाएगी यह सोचकर इन समस्याओं पर महत्वपूर्ण ध्यान नहीं देते हैं और ऐसे ही नजरअंदाज कर देते हैं। आम तौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अगर इन समस्याओं का इलाज वक्त रहते न किया जाए, तो यही समस्याएं आगे चलकर एक गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। हम में से बहुत से लोगों के मसूड़ों में सूजन के साथ-साथ पस भी जमने लग जाती है, जिसका वक्त पर इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसे मेडिकल भाषा में डेंटल एब्सेस के नाम से जाना जाता है। डॉक्टर के अनुसार, यह बैक्टीरियल संक्रमण का एक बहुत बड़ा संकेत होता है, जिस को आम समझकर हल्के में लेना बहुत ही ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा बहुत बार देखने को मिलता है, कि जब हमारे दांतों में काफी तेज दर्द होता है, तो हम डॉक्टर से मिलते हैं, तो ऐसे में जांच के दौरान पता चलता है, कि या तो आपके रूट खराब हो गए हैं, या फिर दांतों में पस जमने जैसी समस्या का निर्माण हो गया है।
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि डॉक्टरों का इस मामले में कहना है, कि मसूड़ों या फिर दांत की जड़ में संक्रमण होने की वजह से ही दांतों में पस बनने की समस्या का निर्माण होता है। दरअसल, जब हमारे दांतों में कीड़ा लग जाता है या फिर मसूड़ों में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, तो हम उसको ऐसे ही नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर उसका इलाज नहीं करवाते हैं, तो ऐसे यह संक्रमण धीरे-धीरे दांतों की जड़ तक पहुंच जाता है। जिसकी वजह से दांतों में पस बनना शुरू हो जाती है। इसकी वजह से दांतों में दर्द काफी ज्यादा बढ़ जाता है और सूजन भी नजर आने लग जाती है।
दांतों में जमने वाली पस की वजह से कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, अगर इस समस्या का इलाज समय पर न किया जाये तो। ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि क्या दांतों में जमने वाली पस के इलाज में थोड़ी सी भी होने वाली देरी कैंसर जैसी समस्या का कारण बन सकती है? दरअसल, डॉक्टर के अनुसार दांतों में बनने वाली पस का इलाज देरी से होने पर यह सीधे तौर पर कैंसर का कारण तो नहीं बनती है, पर यह समस्या जबड़े, चेहरे, गर्दन या फिर पुरे शरीर में भी फैल सकती है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति को सेप्सिस जैसी जानलेवा बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। अगर मुँह में काफी वक्त तक संक्रमण, सूजन या फिर घाव जैसी समस्या बनी रहे और इसका इलाज वक्त पर न कराया जाए तो इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और जानते हैं।
दांतों में पस बनने के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?
दरअसल, दांतों में पस बनने के कई कारण हो सकते हैं, पर इस में से कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. दांतों में कैविटी का इलाज न होना।
2. मसूड़ों की बीमारी यानी की पायरिया होना।
3. दांतों का टूटना या फिर चटक जाना।
4. मुंह सूख जाना।
5. हार्मोनल बदलाव होना।
6. डायबिटीज की समस्या होना।
दांतों में पस बनने के शुरुआती संकेत क्या हो सकते हैं?
दांतों में पस बनने के शुरुआती संकेत निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. दांतों के आसपास मसूड़ों में सूजन होना।
2. दांत में तेज दर्द की समस्या का होना
3. पीड़ित व्यक्ति के चेहरे पर हल्की हल्की सूजन होना।
4. मुँह से काफी ज्यादा बदबू आना।
5. मसूड़ों से काफी ज्यादा मवाद यानी कि पस निकलना
इस समस्या का इलाज कैसे किया जाता है?
सभी जानते ही हैं, कि दांतों में पस बनने पर अक्सर डॉक्टर समस्या की स्थिति के हिसाब से ही इलाज करते हैं, जिसमें से कुछ इलाज निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. रूट कैनाल ट्रीटमेंट करना
2. एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना।
3. दांतों की गंभीर समस्या होने पर दांत को निकालना।
4. मसूड़ों की सफाई करना।
इस गंभीर समस्या से बचने के लिए क्या किया जा सकता है?
दरअसल, इस गंभीर समस्या से बचने के लिए आप दिन में दो बार ब्रश करना, दांतों के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल करना, नियमित डॉक्टर से अपने दांतों की जांच करवाना, तंबाकू से दूरी बनाना और मीठे और चिपचिपे खाने को कम करना जैसे उपायों को अपना सकते हैं।
निष्कर्ष: दांतों में होने वाली समस्याओं को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। पता चलते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, वरना समस्या आगे चलकर एक गंभीर रूप धारण कर सकती हैं, जिससे आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। इसी तरह दांतों पर पस बनना एक बहुत बड़े संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिसका इलाज करना बहुत ही ज्यादा महतवपूर्ण होता है। इसे हल्के में लेने और नजरअंदाज करने पर आपको गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। यह माना कि यह समस्या सीधे कैंसर का कारण नहीं बनती है, पर लंबे समय तक चलने वाली समस्या से जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। मुंह की सफाई को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, कई बार छोटी समस्या भी बड़े संक्रमण का कारण बन जाती है। इसलिए, दांतों में दर्द या सूजन होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क और नियमित जांच या फिर सही ओरल हाइजीन से दांतों को लंबे वक्त तक सेहतमंद रखा जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और दांतों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही लुधियाना डेंटल सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।