रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों में होने वाले तेज दर्द के लिए किन उपायों को अपनाना हो सकता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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    दांतों से जुड़ी समस्या सभी लोगों को परेशान करती है और यह समस्याएं काफी ज्यादा दर्दनाक भी होती है। आम तौर पर, दांतों में होने वाली समस्याओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें अपने दांतों की अच्छे से देखभाल न करना, रोजाना गलत चीजों का सेवन करना, दांतों की सफाई पर ध्यान न देना जैसे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इन कारणों की वजह से जब कभी भी हमारे दाँतों में दर्द या फिर किसी भी तरह की कोई समस्या होती है, तो हम उसको आम समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, जब इस तरह की कोई भी समस्या होती है, तो हम में से ज्यादातर लोग इस को एक मामूली सा दर्द समझ लेते हैं, पर वास्तव में यह दर्द हमारे दांतों पर लगने वाली कैविटी का एक बहुत बड़ा संकेत होता है, जिसको हम सभी लोग नजरअंदाज कर देते हैं और वक्त रहते इस समस्या का इलाज नहीं करवाते हैं। 

    आम तौर पर, यह कई बार देखने को मिलता है, कि शुरुआत में हो रही दांतों में झनझनाहट को लोग अक्सर ही अनदेखा कर देते हैं और इस समस्या की गहराई तक न जाकर केवल अपने टूथपेस्ट को ही बदल लेते हैं। पर, हम इस बात से अनजान होते हैं, कि दांतों पर लगी कैविटी हमारे दांतों को धीरे-धीरे खोखला करती जाती है, जिसकी वजह से न केवल दाँतों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है, बल्कि इसके कारण पीड़ित व्यक्ति को कुछ भी खाने पर चाहे वो ठंडा हो या फिर गर्म हर तरह का खाना खाने से मसूड़ों में एक बहुत ही गन्दी वाली झनझनाहट होना शुरू हो जाती है। आम तौर पर, हम में से ज्यादातर लोग पहले इन समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं और जब दांतों से जुड़ी समस्या हाथ से बाहर हो जाती है, जिसके लिए फिर इलाज करवाने के इलावा कोई चारा नहीं बचता है, तो ऐसे में जरूरत पड़ती है रूट कैनाल की। 

    दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक आम डेंटल प्रक्रिया है, जिसका मकसद सिर्फ एक ही होता है, संक्रमित दांतों को बचाना और समस्या के कारण हो रहे दर्द से राहत प्रदान करना। आम तौर पर, ऐसे में कई बार दांतों में होने वाली समस्याओं का उपचार पूरा होने के बाद भी पीड़ित व्यक्ति को उस

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    इलाज हुए दांत में या फिर आसपास के मसूड़ों में काफी ज्यादा दर्द, या फिर संवेदनशीलता जैसी समस्या का अहसास हो सकता है। दरअसल, क्या दांतों में गंभीर कैविटी की समस्या होने पर आप ने भी अपने दांतों का रूट कैनाल किया है और इस इलाज के बाद होने वाला दर्द, या फिर किसी भी तरह की समस्या आपको परेशान कर रही है, अगर हाँ और आप इस इलाज के बाद होने वाले तेज दर्द को दूर करना चाहते हैं, तो आप इसके लिए कुछ उपायों को अपना सकते हैं, जिस में दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना, गुनगुने पानी से नमक के गरारे करना, मुंह की सफाई का अच्छे से ध्यान रखना, चेहरे पर सूजन होने पर बर्फ से सिकाई करना और सख्त चीजों का सेवन करने से बचना आदि जैसे कई तरह के उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह इस दर्द में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आम तौर पर, दांतों में किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद होने वाले दर्द के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? 

    दरअसल, डॉक्टर के अनुसार रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों में होने वाले तेज दर्द के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे 

    1. प्रक्रिया के दौरान मसूड़ों और ऊतकों में होने वाली हल्की सूजन कुछ दिनों तक दांतों में होने वाले तेज दर्द का कारण बन सकती है। 

    2. प्रक्रिया के दौरान फिलिंग या फिर क्राउन ठीक से न लगने पर खाना चबाते समय उस दांत पर काफी ज्यादा दबाव पड़ने पर, दर्द की समस्या हो सकती है। 

    3. कई बार प्रक्रिया के दौरान दांत की जड़ों में गहरी नसों के अंदर संक्रमण रह जाने के कारण दर्द हो सकता है। 

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    4. ट्रीटमेंट में उपयोग होने वाले उपकरणों के कारण भी मसूड़ों में हल्की चोट के निशान लग सकते हैं, जिससे दर्द हो सकता है। 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद होने वाले दर्द को कम करने के प्रभावी उपाय क्या हो सकते हैं? 

    दरअसल, अगर रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद आपको अपने दांतों में तेज दर्द का अनुभव होता है, तो इस दर्द को कम करने के लिए आप घर पर ही इन उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे 

    1. ऐसे में, दर्द की समस्या होने पर केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दर्द कम करने वाली दवाओं का सेवन करें। अपने आप से कोई भी एंटीबायोटिक न खाएं।

    2. मसूड़ों की सूजन को कम करने और संक्रमण को दूर रखने के लिए आप गुनगुने पानी से नमक के गरारे कर सकते हैं। यह, सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है, दिन में 3 से 4 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। 

    3. ऐसे में, कुछ दिनों तक सख्त, चिपचिपी या फिर ठंडी-गर्म चीजों का सेवन करने से खुद को बचाएं। 

    4. दर्द के दौरान मुँह की सफाई का पूरा ध्यान रखें, दर्द के डर से ब्रश करना न छोड़ें

    कब जाना चाहिए आपको डेंटिस्ट के पास? 

    डॉक्टर के अनुसार, अगर इस दौरान निम्नलिखित लक्षण आपको नजर आते हैं, तो ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। 

    1. दवा लेने के बाद भी लगातार दर्द बढ़ना। 

    2. चेहरे, मसूड़ों और गालों पर साफ़ सूजन नजर आना। 

    3. मसूड़ों में संक्रमण के कारण बुखार आना। 

    4. मुंह के आसपास दाने होना या फिर खुजली की समस्या होना। 

    5. उपचार किए हुए दांत का हिलना। 

    निष्कर्ष: दांतों में समस्या होना आम है और इन समस्याओं को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी बेफ़कूफी होती है। ध्यान न देने पर समस्या गंभीर हो जाती है, जिससे दर्द बढ़ जाता है। दांतों से जुड़ी समस्याएं जैसे कैविटी की समस्या गंभीर होने पर लोग कई तरह के उपायों को अपनाते हैं और कई बार इसका समाधान न मिलने पर लोग काफी ज्यादा परेशान हो जाते हैं और उनके पास केवल रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद हल्का या फिर तेज दर्द का होना आम होता है, जो कुछ दिनों बाद अपने आप ठीक हो जाता है। पर, ऐसा हर बार सोचना के अपने आप ठीक हो जाएगा और इसे नजरअंदाज करना आपके लिए काफी ज्यादा भारी पड़ सकता है। अगर ट्रीटमेंट के बाद दांतों में होने वाला दर्द आपकी दिनचर्या को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है, तो इसे कम करने के लिए आप इस लेख में बताए गए उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर खुद डॉक्टर बनने की बजाए, आपको अपने डॉक्टर से इसका एक्स-रे करवाना चाहिए। और हाँ, इस दौरान इस बात का ध्यान रहे, कि अगर आप सही समय पर अपने दांतों की जांच करवाते हैं, तो इससे आपके बातों की उम्र में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दांतों से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही लुधियाना डेंटल सेंटर के विशेषज्ञों से इस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

    प्रश्न 1. रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद कितने समय बाद घिसनी शुरु हो जाती है दांत पर लगी कैप? 

    आम तौर पर, रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों पर लगी डेंटल कैप कम से कम 10 से 15 साल या फिर इससे ज्यादा समय तक चल सकती है। हालांकि, यह तुरंत बाद घिसनी शुरू हो जाती है। 

    प्रश्न 2. रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों पर लगी डेंटल कैप का ध्यान न रखने पर क्या होता है? 

    दरअसल, अगर रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दाँतों पर लगी डेंटल कैप की अच्छे तरीके से या फिर उचित देखभाल न की जाए, ज्यादातर सख्त चीजों को चबाया जाए, तो ऐसे में इसके कारण दाँतों पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव के कारण दाँतों पर लगी इस डेंटल कैप में वक्त से पहले घिसाव या फिर दरार की परेशानी हो सकती है। इसलिए इस दौरान इसका ख़ास ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।