दरअसल, कुछ लोगों को हमेशा मुंह खोलकर सोने की बुरी आदत होती है। कुछ लोगों के साथ ऐसा चिंता या फिर तनाव के कारण भी हो सकता है। बता दें कि डॉक्टर के अनुसार, अक्सर मुंह खोलकर सोना एक अच्छी आदत नहीं होती है। आम तौर पर, यह एक बुरी आदत है, क्योंकि मुंह खोलकर सोने की वजह से गला और मुंह दोनों सुख जाते हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर, एक व्यक्ति की नींद में रुकावट पैदा होती है और वह इस दौरान बार-बार अपनी नींद से उठकर पानी पीता है, ताकि उसको सोते वक्त गले में सूखापन महसूस न हो। इतना ही नहीं, जिन लोगों को अक्सर खर्राटे लेकर सोने की आदत होती है और जिनको स्लीप एपनिया होता है, दरअसल, वह व्यक्ति भी अपना मुंह खोलकर सोते हैं। यह बुरी आदत व्यक्ति के दांतों की सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होती है, इसलिए डॉक्टर भी लोगों को अपनी इस आदत में सुधार करने की सलाह प्रदान करते हैं। आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का उत्पादन कर सकती हैं। अब ऐसा होने पर कई लोगों के मन में, यह सवाल उठता है, कि क्या मुंह खोलकर सोने से दांतों पर सफेद धब्बे होते हैं? आखिर मुंह खोलकर सोने और दांतों पर सफेद धब्बे होना, इन दोनों का आपस में क्या संबंध है? आइये इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
क्या मुंह खोलकर सोने से आपके दांतों पर सफेद धब्बे पड़ सकते हैं?
इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, किमुंह खोलकर सोने से व्यक्ति को दांतों से जुडी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, आम तौर पर, जैसे कि दांतों में कैविटी होना और मसूड़ों से जुडी कोई भी समस्या होना आदि। आपको बता दें, कि इस तरह की समस्या का उत्पादन इस लिए होता है, क्योंकि अक्सर मुंह खोलकर सोने की वजह से मुंह में लार का उत्पादन बहुत ही कम होता है, जिसकी वजह से मुंह सूख जाता है और कैविटी आसानी से दांतों में फैल जाती है। यहां तक कि इसकी वजह से मसूड़ों की सेहत पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है।
अब इस तरह की स्थिति में लोगों के मन में सवाल यह उठता है, कि क्या मुंह खोलकर सोने से दांतों पर सफेद धब्बे हो सकते हैं? तो इसके बारे में डॉक्टरों का कहना है, कि “हाँ, अक्सरमुंह खोलकर सोने से दांतों पर सफेद धब्बों जैसे निशान पड़ सकते हैं”। इसके साथ ही इसके बारे में भी जानकारी ले लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, कि आखिर इस तरह की स्थिति क्यों उत्पन्न होती है, या फिर ऐसा क्यों होता है? तो इसके बारे में, डॉक्टर का कहना है, कि “अक्सर मुंह खोलकर सोने की वजह से इनेमल डिहाइड्रेशन जैसी समस्या होती है। आम तौर पर, एनामेल दांतों की (बाहरी सुरक्षा परत) डिहाइड्रेशन का अर्थ होता है, कि लार के उत्पादन में कमी की वजह से दांतों में नमी की कमी होना। आमतौर पर, इस तरह की स्थिति में, टूथ एनामेल कमजोर और साथ में सूखे हो जाते हैं, जिसकी वजह से उनके टूटने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। दरअसल इतना ही नहीं, एनामेल डिहाइड्रेशन होने की वजह से दांतों की सेंसिटिवटी भी बढ़ सकती है। हालाँकि, जब कभी भी आप अपना मुंह खोलकर सोते हैं, तो इस तरह की स्थिति में एनामेल में अस्थाई सफेद धब्बे नजर आने लग जाते हैं। आम तौर पर, यह सफेद धब्बे दांतों के लुब्रिकेटेड होने के बाद ठीक हो जाते हैं, मतलब, जब लार का उत्पादन आम हो जाता है।
निष्कर्ष:
कुछ लोगों को हमेशा मुंह खोलकर सोने की आदत होती है, जोकि बिल्कुल भी ठीक आदत नहीं होती है। इसकी वजह से नींद में रुकावट और दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि दांतों में कैविटी होना और मसूड़ों से जुडी कोई भी समस्या होना। मुंह खोलकर सोने से मुंह में लार का उत्पादन बहुत ही कम होता है, इसलिए इस तरह की समस्या पैदा होती है। इसके इलावा, ये बात भी सच हैं, किमुंह खोलकर सोने से दांतों पर सफेद धब्बों जैसे निशान पड़ जाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी अपनी इस आदत में सुधार करने की सलाह प्रदान करते हैं। अगर आपको भी दांतों में इस तरह की या फिर कोई और समस्या है, जिसका आप इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही लुधियाना डेंटल सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं, और इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।