दातों की विभिन समस्याएं एवं उनके उपचार

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    दांत परकीर्ति का एक अमूल;या तोहफा है , इनकी वजह से ही हम स्वादिस्ट भोजन का आनंद उठा सकते हैं | सुंदरता में भी दांत बहुत एहम योगदान देते हैं | दातों की समस्या बहुत से लोगों को होती है | दुनिअभर मे लोग करोड़ों रुपयों दातों की चिकित्सा पर खरच करते हैं |

    दातों की बीमारयां

    रोजाना सफाई व कम पोस्टिक तत्वों के चलते दातों की जड़े कमजोर हो जाती है और वह हिलने लगते है | धीरे धीरे अपने आप गिर जाते है |

    अगर आप दातों को रोज साफ़ नहीं करते तो भोजन के कतरे जमा होने से और उनकी सड़न से बदबू पैदा होती है | जिस कारन आप किसी के सामने बोल नहीं पाते | आपको सर्मिंदगी कर सामना करना पड़ सकता है |

    दातों में दर्द होना शुरू हो जाता है और कई बार तो बहुत तेज दर्द होता है की आप कुछ भी खा नहीं सकते | बहुत असहनीय पीड़ा से भी गुजरना पड़ सकता है | इसका मुख्या कारन भी भोजन के कतरे जमा होना है | इन टुकड़ों से ही कीड़े पैदा होते हैं और धीरे धीरे दातों को अंदर से खाली करते करते रहते हैं | जिस करण खोकले हो आकर दांत गिरते हैं और दर्द होता है |

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    रोजाना दो बार अगर आप दांत साफ़ नहीं करते तो कचरा जमा होने पर उन पर पीले रंग के मिश्रण के रूप में जमना शुरू हो जायेगा |

    अपने आप निकल कर गिर जाना पोस्टिक तत्वों की कमी के कारन बहुत बार दांत अपने आप चित कर गिर जाते हैं |

    कारन

    खाने के बाद नियमित रूप से दातों की सफाई नहीं होती जिस कारन खाने के कुछ टुकड़े दातों में फंसे रह जाते है | समय पा कर जब यह टुकड़े गलनेसड़ने लगते है | यह दातों में सड़न व् कीड़े पैदा करते है |

    बहुत लम्बे समय तक कबज रहना भी इसका एक मूल कारन है | लम्बे समय की कब्ज से दांत कमजोर हो जाते है और गिरने लगते हैं |

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    एक साथ बहुत ग्राम और बहुत ठंडा भोजन करना भी दातों के लिए नुकसानदायक है | इससे दातों की जेड खोखली होती है और दांत गिरते हैं |

    खाने में पोस्टिक तत्वों की कमी आजकल की पीढ़ी में दातों की समस्या का बड़ा कारन है |

    नियमित सफाई व् पोस्टिक आहार दानों के लिए बहुत जरूरी है | इनकी कमी होने पर दांत अपने आप गिर जाते है | बचपन के बाद दांत आखिरी होते है | पूरी आयु आपके पास होते हैं | इनके बाद नए दांत नहीं आ सकते | इसलिए इन की देखभाल बहुत जरूरत है |

    उपचार

    सबसे पहल तो नियमित सफाई एवं पोस्टिक आहार ही दातों की सुरक्षा का मुख्या कर्म है | उसके बाद भी अगर कोई समस्या आती हैं तो इनके विषय में दातों के चित्सक से सलाह ली जा सकती है अथवा उपचार करवाया जा सकता है |

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    बहुत से उपचार के तरीके है जिनको अपनाकर दातों की सुरक्षा फिर से की जा सकती है | अगर दांत निकल कर गिर भी गए है तो पुराने की जगह पर नए दांत भी दांतो के चिकत्सक से लगवा सकते हैं , जो की आपकी पसंद के अनुसार लग सकते हैं |

    अगर आप चित्सक की मदद से दांतो की फिर से सफ़ेद और आकर्षक बना कहते है तोई यह एक अच्छा विक्लप हो सकता है | कुछ रसायनो की मदद से आपके पीले हुए दातों को फिर से चमकाया जा सकता है |