अक्सर लोग दाँतों और मसूड़ों की अच्छे तरीके से सफाई न कर पाने की वजह से दाँतों और मसूड़ों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। यह समस्याएं एक व्यक्ति को काफी परेशान कर देने वाली भी हो सकती हैं। आम तौर पर, अक्सर ही लोग काम के चलते और व्यस्त जीवन शैली की वजह से अपने दांतों और मसूड़ों की सेहत को उतनी गंभीरता से नहीं लेते हैं, जितनी की उनको लेनी चाहिए। दरअसल, दांतों को शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, इन के बिना कुछ भी खा पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है। इसलिए, इन पर ध्यान देना और इन की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
सही और अच्छी देखभाल न करने पर लोग दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं का शिकार हो जाते हैं, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है। दरअसल, इन्हीं समस्याओं में से एक है पायरिया। पायरिया मसूड़ों का ही एक गंभीर इंफेक्शन है, जो दांतों को सहारा देने वाली हड्डियों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। दरअसल, जानने में आया है, कि बहुत से लोग इस समस्या को केवल मसूड़ों की समस्या समझते हैं। पर, शायद उनको यह नहीं पता है, कि पायरिया जैसी समस्या का प्रभाव उनके पुरे शरीर पर भी पड़ सकता है। जी हाँ, डॉक्टर के अनुसार दांतों का पायरिया आपके पुरे शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। दांतों में पायरिया केवल मुंह तक ही सीमित नहीं होता है, बल्कि यह दिल, फेफड़े और इम्यून सिस्टम को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। आम तौर पर, हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार, मसूड़ों में लंबे समय तक रहने वाली पायरिया की समस्या की वजह से आपके दिल, फेफड़ों, किडनी और साथ में डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इसी कारण से पायरिया को न सिर्फ मुँह की सेहत की, बल्कि पूरे शरीर की सेहत की समस्या माना जाता है। इसलिए, इस समस्या का समय पर इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। इससे जुड़ी गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
आखिर क्या होता है पायरिया?
दरअसल, पायरिया मसूड़ों की इंफेक्शन से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मसूड़े गंभीर रूप से प्रभावित हो जाते हैं। इस समस्या के दौरान मसूड़ों में सूजन होना खून आना और बदबू आना जैसी समस्या होने लग जाती है। दरअसल, यह बीमारी धीरे-धीरे दांतों की जड़ों और हड्डियों तक अपनी पकड़ को मजबूत बना लेती है और मुँह की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर देती है। अगर इस समस्या का समय पर इलाज न किया जाये, तो इसके कारण दांत जड़ से हिलने लग जाते हैं और टूट भी सकते हैं। इसलिए वक्त पर इस समस्या का इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है
आखिर क्या हो सकते हैं पायरिया के लक्षण?
आम तौर पर, पायरिया के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. मसूड़ों से बार-बार खून आने की समस्या होना
2. कुछ भी खाने पर दांतों में दर्द और असहजता महसूस होनी।
3. साँसों में से काफी ज्यादा बदबू आना।
4. मसूड़ों में सूजन आना और मसूड़ों का रंग लाल हो जाना।
5. दांतों में काफी जगह बनना और दाँतों में ढीलापन महसूस होना
पायरिया का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
1. दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ना
पायरिया की समस्या के दौरान पनपने वाले बैक्टीरिया खून में मिल जाते हैं, जो आम तौर पर दिल की नसों में सूजन और ब्लॉकेज को पैदा कर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को काफी ज्यादा बड़ा देते हैं।
2. डायबिटीज का खतरा बढ़ना
पायरिया में डायबिटीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है, या फिर कहो कि इससे डायबिटीज बिगड़ सकती है। आम तौर पर, असंतुलित डायबिटीज में पायरिया जैसी समस्या का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
3. प्रेगनेंसी प्रभावित होना
हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार, पायरिया के कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी और जन्म दर कम हो सकती है।
दांतों के पायरिया से बचने के क्या-क्या उपाय हो सकते हैं?
दांतों के पायरिया से बचने के उपाय निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे
1. दिन में कम से कम 2 बार ब्रश करें।
3. नियमित अपने दांतों का चेकअप करवाएं।
3. संतुलित और सेहतमंद डाइट का सेवन करें।
4. तंबाकू, सिगरेट और गुटखे का सेवन न करें।
निष्कर्ष: पायरिया मसूड़ों से जुड़ी एक गभीर बीमारी के जो धीरे-धीरे दाँतों की जड़ों को कमजोर कर उनमें समस्या पैदा कर देती है। अगर ऐसे में आपको मसूड़ों से खून आना, लगातार दर्द होना और दांत ढीले होना जैसा महसूस हो तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तुरंत जांच और इलाज से पायरिया के गंभीर प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस के बारे में ज्यादा जानने के लिए और दांतों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही लुधियाना डेंटल सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. मसूड़ों को सेहतमंद रखने के लिए क्या करें?
मसूड़ों को सेहतमंद रखने के लिए आप रोजाना फ्लॉस करना, दिन में दो बार ब्रश करना, नियमित डॉक्टर से अपना चेकउप करवाना, धूम्रपान से दूर रहना, मीठे भोजन को सीमित करना और दबा कर पानी पीना जैसे तरीकों को अपना सकते हैं।
प्रश्न 2. क्या दांतों की चमक बढ़ाने के लिए नीम की दातुन फायदेमंद हो सकती है?
दरअसल, हाँ दाँतों की चमक को बढ़ाने के लिए और उन्हें सेहतमंद रखने के लिए नीम की दातुन को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
प्रश्न 3. किस उम्र में दांतों में समस्या होना आम बात होती है?
30 से 35 साल की उम्र के बाद दांतों की समस्या होना एक बहुत ही आम बात हो जाती है। दांतों की यह समस्या 50 से 60 साल की उम्र तक बढ़ सकती है।